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सरकार किसान बेटियों को देगी हर साल 40,000 की धनराशि अनुदान स्वरूप दी जाएगी

सरकार किसान बेटियों को देगी हर साल 40,000 की धनराशि अनुदान स्वरूप दी जाएगी

खेती-किसानी और कृषि क्षेत्र में महिलाओं की हिस्सेदारी अधिक करने एवं उनको सशक्त कौशल प्रशिक्षण मुहैय्या कराने की पहल की जा रही है। बेटियों को आधुनिक किसान बनाने के लिए राज्य सरकार 40,000 रुपये की सब्सिड़ी भी दी जा रही है। कृषि क्षेत्र की उन्नति एवं किसानों के कल्याण के लिए पुरे भारत में विभिन्न योजनाएं चलाई जा रही है। इन योजनाओं के माध्यम से किसान एवं किसान परिवारों को आर्थिक-सामाजिक सशक्तिकरण मुहैय्या कराया जा रहा है। खेती-किसानी एवं संबंधित गतिविधियों में महिलाओं की हिस्सेदारी में वृद्धि करने के लिए भी विभिन्न कोशिशें की जा रही हैं। इसी कड़ी में महिलाओं को कौशल प्रशिक्षण भी प्रदान किया जा रहा है, इन कदमों से महिलाएं आत्मनिर्भर कृषि की दिशा में बढ़ रही हैं। इसी कड़ी में राजस्थान सरकार ने भी अनोखी पहल की है।

छात्रा प्रोत्साहन योजना क्या होती है

प्रदेश में बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करते हुए छात्रा प्रोत्साहन योजना जारी की है। जिसके अंतर्गत कृषि विषय पढ़ने वाली बेटियों को छात्रवृत्ति के रूप पर 40,000 रुपये तक का सहायतानुदान प्रदान किया जाएगा। राज्य के नवीन बजट में भी छात्रा प्रोत्साहन योजना की धनराशि को बढ़ा दिया गया है। इससे ग्रामीण इलाकों में पली-बड़ी किसान परिवारों की बेटियों को काफी सहयोग मिलेगा। हालांकि, शहरी बालिकाओं को भी छात्रा प्रोत्साहन का समतुल्य फायदा प्रदान करने का प्रावधान है।

छात्रा प्रोत्साहन योजना की पात्रता क्या होनी चाहिए

राजस्थान में कृषि संकाय से पढ़ाई करने वाली छात्राओं को 40,000 रुपये तक का सहायतानुदान प्रदान किया जाएगा। इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन करने हेतु राज्य सरकार ने पात्रता भी घोषित की है, जिसके अंतर्गत केवल प्रदेश की मूल निवासी छात्राएं ही आवेदन कर सकती हैं। ये भी पढ़े: लड़कियों के लिए राजस्थान सरकार का उपहार : कृषि छात्रा प्रोत्साहन योजना, अगर है कागजात तो करें आवेदन और पायें 15 हजार आवेदन करने वाली क्षात्राओं के पास खुद का बैंक खाता भी होना चाहिए। जिससे कि सब्सिड़ी की धनराशि खाते में हस्तांतरित की जा सके। छात्रा प्रोत्साहन योजना के नियमानुसार किसी राजकीय अथवा सरकार के मान्यता प्राप्त विद्यालय, महाविद्यालय या विश्वविद्यालय में एग्रीकल्चर क्षेत्र के साथ अध्ययनरत हों।

इन जरुरी दस्तावेजों की आवश्यकता पड़ेगी

छात्रा प्रोत्साहन योजना में आवेदन करने से पूर्व राज किसान पोर्टल वेबसाइट http://rajkisan.rajasthan.gov.in पर जाके विस्तृत से जानकारी ले सकते हैं। चाहें तो स्वयं के जनपद में स्थित कृषि विभाग के कार्यालय में कृषि उपनिदेशक से भी संपर्क साधा जा सकता है। इस योजना में आवेदन करने वाली छात्राएं एप्लीकेशन फॉर्म के साथ अपना जन आधार कार्ड, मूल निवास प्रमाण पत्र, पिछली कक्षा की मार्क शीट अथवा ऑर्गेनाइजेशन के हेड के साइन वाला प्रमाण पत्र एवं स्व-प्रमाणित पत्र, जिसमें कृषि संकाय को परिवर्तित करने के विषय में लिखा हो, आदि दस्तावेज भी अटैच करने पड़ेंगे।
मैना चौधरी बागवानी के क्षेत्र में बनीं महिलाओं के लिए मिशाल

मैना चौधरी बागवानी के क्षेत्र में बनीं महिलाओं के लिए मिशाल

हरियाणा राज्य के पंचकूला की मैना चौधरी विगत 25 वर्षों से खेती करती आ रही हैं। साथ ही, उन्होंने बागवानी के क्षेत्र में काफी नाम रोशन किया है। प्रगत व उन्नत विधियों के माध्यम से सब्जी की खेती कर आज मैना चौधरी खूब मोटी आमदनी कमा रही हैं। खेती-किसानी में महिलाओं की हिस्सेदारी काफी बढ़ती जा रही है। हालाँकि, महिलाएं पूर्व से ही कृषि कार्यों में अपने परिवार में सहयोग करती थीं। परंतु, आज पूर्ण जिम्मेदारी और सतर्कता के साथ महिलाऐं खेती की दशा एवं दिशा को बदल रही हैं। आपको बतादें कि ऐसी ही महिला किसानों में हरियाणा के पंचकूला की किसान मैना चौधरी भी शम्मिलित हैं। मैना चौधरी आज सीजनल एवं ऑफ सीजनल सब्जियों का उत्पादन कर रही हैं। इस कार्य में मैना चौधरी को बागवानी विभाग का भी पूरा सहयोग और मदद मिलती है।

शौक के रूप में खेती से कमा रही मुनाफा

आज के समय मैना चौधरी उन महिलाओं के लिए एक प्रेरणास्रोत और मिशाल बन रही हैं, जो बागवानी में अपने बल पर कुछ करना चाहती है। मैना चौधरी को आरंभ से ही खेती किसानी का बेहद शौक था। इसी शौक को 25 वर्ष पूर्व अपने कार्य में परिवर्तित क दिया। मैना चौधरी का कहना है, कि हम खेती के क्षेत्र में बहुत कुछ नवीन कर सकते हैं। अपने नवाचारों को लेकर किसान भाई-बहनों को आगे बढ़ना चाहिए। यदि सही तरीका मालूम हो तो किसान बहनें भी हर प्रकार की फसल से मोटा और अच्छा खासा उत्पादन उठा सकती हैं।

मैना चौधरी मौसमी और गैर मौसमी दोनों तरह की सब्जियां उगाती हैं

यह कोई जरूरी नहीं कि नकदी फसलों के द्वारा ही अच्छा मुनाफा कमाया जाता हो। आज के दौर में किसान करेला, टमाटर, लौकी, तोरई, खीरा जैसी सब्जी की फसलों की आधुनिक खेती करके उत्तम पैदावार प्राप्त कर रहे हैं। मैना चौधरी भी हर प्रकार की मौसम-बेमौसमी सब्जियों का उत्पादन करती हैं। इनका ध्यान केवल वर्षभर खाई जाने वाली सब्जियों की पैदावार पर होता है। बागवानी फसलों का उत्पादन बढ़ाने के लिए मैना चौधरी द्वारा पॉलीहाउस भी स्थापित किया जाएगा। अब सब्जियों का विक्रय करने हेतु बार-बार बाजार नहीं जाना पड़ता, बल्कि ये थोक में ही बिक जाती है।

बागवानी विभाग की तरफ से भी मिलती है मदद

मैना चौधरी का कहना है, कि उन्हें बागवानी विभाग से भरपूर सहायता प्राप्त हो रही है। बागवानी विभाग की टीम कई बार उनके खेत पर मुआयना करने आती रहती है। उन्हें वक्त-वक्त पर नई योजनाओं के बारे में जानकारी भी प्रदान की जाती हैं। इन योजनाओं में आवेदन करके मैना चौधरी को खूब लाभ भी हुआ है। इससे बागवानी के खर्चे को कम करने में सहायता प्राप्त होती है। मैना चौधरी द्वारा अपने खेतों पर सब्जियों सहित नींबू एवं अनार के वृक्ष भी रोपे गए हैं। वो कहती हैं, कि उचित फसल का चयन करके किसान भाई मोटा मुनाफा उठा सकते हैं।